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30% + 4% cess · 1% TDS

भारत के लिए क्रिप्टो टैक्स कैलकुलेटर

खरीद और बिक्री की कीमत डालें। कैलकुलेटर क्रिप्टो लाभ पर 30% टैक्स, 4% सेस और बिक्री पर 1% TDS लगाकर बताता है कि आपके हाथ में कितना बचेगा।

आज की P2P कीमतें: खरीद ₹104.99, बिक्री ₹103.65।

लागत
₹104,990
बिक्री मूल्य
₹108,140
लाभ
₹3,150
30% टैक्स
₹945
4% स्वास्थ्य और शिक्षा सेस
₹38
लाभ पर कुल टैक्स
₹983
बिक्री पर 1% TDS
₹1,081
बिक्री पर हाथ में (TDS के बाद)
₹107,058
TDS क्रेडिट के बाद बाकी टैक्स (माइनस = रिफ़ंड)
₹−99

01Why

भारत में क्रिप्टो पर टैक्स कैसे लगता है

  1. USDT समेत वर्चुअल डिजिटल एसेट के लाभ पर फ़्लैट 30% टैक्स और 4% सेस लगता है, चाहे आपका इनकम स्लैब या होल्डिंग समय कुछ भी हो। ज़्यादा आय पर सरचार्ज भी लग सकता है।
  2. सिर्फ़ खरीद की लागत घटाई जा सकती है। फीस और दूसरे खर्च नहीं।
  3. घाटा दूसरी आय या दूसरे क्रिप्टो लाभ से नहीं घटाया जा सकता, और आगे भी नहीं ले जाया जा सकता।
  4. सालाना भुगतान तय सीमा (स्पेसिफ़ाइड पर्सन के लिए ₹50,000, दूसरों के लिए ₹10,000) से ज़्यादा होने पर बिक्री मूल्य पर 1% TDS लगता है। यह अग्रिम टैक्स है जिसे रिटर्न में वापस लिया जाता है; P2P में इसे काटने की ज़िम्मेदारी खरीदार की है।

आज की कीमत से उदाहरण: 1,000 USDT को ₹104.99 पर खरीदकर ₹108.14 पर बेचने से ₹3,150 का लाभ होता है। टैक्स और सेस ₹983 है, और बिक्री पर ₹1,081 TDS कटता है।

सिर्फ़ अनुमान, व्यक्तियों के लिए; इसमें सरचार्ज या आपकी दूसरी आय शामिल नहीं। यह टैक्स सलाह नहीं है। हर बजट में नियम बदल सकते हैं, इसलिए चार्टर्ड अकाउंटेंट से पुष्टि करें।

02सवाल-जवाब

USDT से INR: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में क्रिप्टो पर कितना टैक्स लगता है?

लाभ पर फ़्लैट 30%, साथ में 4% सेस (सरचार्ज से पहले कुल 31.2%), चाहे आपका इनकम स्लैब कुछ भी हो।

क्या क्रिप्टो पर TDS अलग टैक्स है?

नहीं। 1% TDS अग्रिम भुगतान है। यह Form 26AS/AIS में दिखता है और रिटर्न भरते समय आप इसे अंतिम टैक्स में घटाते हैं या रिफ़ंड पाते हैं।

क्या क्रिप्टो का घाटा घटाया जा सकता है?

नहीं। क्रिप्टो का घाटा वेतन, कारोबार की आय या दूसरे क्रिप्टो लाभ से नहीं घटाया जा सकता और आगे के सालों में भी नहीं ले जाया जा सकता।

अगर USDT की कीमत बहुत कम बदले तो भी टैक्स लगेगा?

हाँ, रुपये में किसी भी लाभ पर। USDT की INR कीमत P2P बाज़ार के साथ बदलती है, इसलिए सस्ते में खरीदकर महँगे में बेचने पर टैक्स योग्य लाभ बनता है।